सदर अस्पताल बोकारो में हर दिन हो रही कोरोना संदिग्ध की मौत,सदर उपाधीक्षक का कार्यालय भी रहता है बंद,अधिकारी गंभीर स्थितियों का संज्ञान अवश्य लें

सदर अस्पताल बोकारो में हर दिन हो रही कोरोना संदिग्ध की मौत,सदर उपाधीक्षक का कार्यालय भी रहता है बंद,अधिकारी गंभीर स्थितियों का संज्ञान अवश्य लें

0

रिपोर्ट – कौस्तुभ कुमार मलयज बोकारो झारखंड

बोकारो सदर अस्पताल में कोरोना संदिग्ध मरीजों की हर दिन हो रही है  मौतें , सांस लेने की तकलीफों को लेकर पहुंच रहे हैं मरीज सदर अस्पताल बोकारो मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है लेकिन सबसे मजे की बात है ऐसी बीमारी को लेकर आने वाले मरीजों की मौत पर स्वास्थ्य विभाग बोकारो के जिम्मेदार अधिकारी की ओर से हो रही है घोर लापरवाही ।

सिविल सर्जन बोकारो डॉ एके पाठक संदिग्ध कोरोना मरीजों के मृतक परिवारों के परिजनों को कोरोना टेस्ट अवश्य कराया जाए यह संज्ञान लेते हुए इस पर आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है संज्ञान में यह बात होनी चाहिए थी  एवं सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर एनपी सिंह इसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच करानी चाहिए थी वह नहीं हो पा रहा है ।  इससे सदर अस्पताल बोकारो की दुर्व्यवस्था साफ नजर आती है । कई बार तो मैं सदर अस्पताल उपाधीक्षक के कार्यालय में मिलने गया तो वहां ताला लटका पड़ा मिला अगर अस्पतालों की यही व्यवस्था रही तो अस्पतालों पर विश्वास कौन करेगा इन अस्पतालों में आने वाले गरीब जनता के प्रति  अधिकारियों को जवाब देह बनने की जरूरत है तो ले जिम्मेदारी इस तरह के गैर जिम्मेदाराना स्थिति से सदर अस्पताल बोकारो के अस्तित्व के ध्वस्त होने का खतरा मंडरा रहा है उपायुक्त बोकारो संज्ञान लेते हुए इस पर अवश्य कार्यवाही करें । फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े सिर्फ बोकारो जनरल अस्पताल के कोविड-19 से मरने वालों की संख्या दर्ज कर बताई जाती है । जबकि सदर अस्पताल बोकारो में इससे कहीं अधिक लोगों की मौतें सांस लेने के कारण हो रही है सदर अस्पताल में हर दिन आइसोलेशन आईसीयू वार्ड में कोरोना संदिग्ध मरीजों को सांस लेने की तकलीफ से मौत हो रही है कुछ दिन पहले सदर अस्पताल में 6 मौतें हुई जिसमें दो मौतें कोरोना संदिग्ध की थी सांस लेने की तकलीफ से हर दिन 2 – 3 मरीज दम तोड़ ही रहे हैं ऐसे में तो अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर उंगली उठना तो लाज़मी है कहीं ना कहीं व्यवस्थाएं बिल्कुल सही नहीं है। अस्पताल प्रबंधन मौत के आंकड़े छुपाने के लिए मृतकों का करुणा जांच भी नहीं करा रही है जिस कारण अस्पताल में मरने वालों के आंकड़ों का पता भी नहीं चल पा रहा है ऐसे में यदि संक्रमण के कारण लोगों की मौत हो रही है तो निश्चित रूप से मृतक के परिजनों की भी कोरोना की जांच होनी चाहिए । ताकि संक्रमण के रफ्तार पर काबू पाया जा सके लेकिन ऐसा हो नहीं रहा मिली जानकारी के अनुसार हाल के 1 सप्ताह के मौत के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो स्वास्थ्य विभाग के बोकारो जनरल अस्पताल में 4 से 5 मरीजों के मरने के मामले दर्ज करा रही है जबकि सदर अस्पताल बोकारो की मौत के आंकड़े गौण हैं । सदर अस्पताल बोकारो के आइसोलेशन एवं आईसीयू में दो की मौत बताया जाता है कि सदर अस्पताल की अव्यवस्था वह अति आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण संदिग्थो की मौत के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे है। मरीजों के परिवारों का कहना है कि लचर व्यवस्था का खामियाजा हम गरीब लोगों को भुगतना पड़ रहा है । शिकायत वाद पत्रों के माध्यम से भी सदर अस्पताल की व्यवस्था एवं स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था को  बोकारो उपायुक्त को इन सभी स्थितियों को संज्ञान में लाया जा रहा है । सिविल सर्जन बोकारो अशोक कुमार पाठक ने बताया कि सदर अस्पताल की व्यवस्था पर चिंतन जारी है बेहतर से बेहतर करने के लिए और कई विभाग के प्रभार में सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ एनपी सिंह हैं इसलिए सिविल सर्जन कार्यालय में ही रहना पड़ता है ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Translate »