हरकतों से बाज़ नहीं आ रहे साम्प्रदायिक्ता फैलाने वाले

हरकतों से बाज़ नहीं आ रहे साम्प्रदायिक्ता फैलाने वाले

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रिपोर्ट :– ब्युरो लखनऊ

लखनऊ :–देश कोरोना जैसे भयानक वायरस से जूझ रहा है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व समाज में ज़हर घोलने से बाज़ नहीं आ रहे हैं।

 

दरअसल केन्द्र और यूपी में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही मुस्लिम विरोधी खद्दरधारी,गुण्डे ओर कुछ मीडिया कानूनी बन्दिशों से आज़ाद करदी गई है। 
इसी का नतीजा है कि कुछ आतंकी सोशल मीडिया पर हथियारों से लैस होकर दो घण्टे में मुसलमानों का सफाया कर देने की आतंकी धमकियां दे रहे हैं तो कुछ खददरधारी खुली धमकियां दे रहे हैं।
अगर बात करे पालतू मीडिया की तो मीडिया खुलेआम झूठ परोसकर मुसलमानों के खिलाफ माहौल बनाने में लगी है।

गुज़री 6 अप्रैल को बरेली के करमपुर में लॉकडाउन का पालन कराने गये दो पुलिस कर्मियों पर कुछ लड़कों ने हमला कर दिया, उसके बाद पहुची पुलिस ने जमकर तुड़ाई करदी, इस बीच कई पुलिस कर्मी ज़ख्मी हुए।

मौके पर ही और शाम को पुलिस के तीन आला अफसरान ने साफ तौर पर बता दिया कि पुलिस लॉकडाउन का पालन कराने गई थी।

इसके बावजूद मुस्लिम विरोधी पालतू मीडिया ने आला अफसरान को झूठा ठहराते हुए मामले को जमातियों से जोड़कर मुसलमानों के खिलाफ खुलकर ज़हर उगला, देखिये मीडिया की करतूत,

मीडिया के घोले ज़हर का असर यह हुआ कि कुछ लोग सोशलमीडिया पर खुराफात करने लगे।

यह जो तस्वीरें आप देख रहे हैं यह लखनऊ के तेज बहादुर सिंह व किसी अमित सिंह रघुवंशी फेसबुक आईडी की है।
इसने फेसबुक वाल पर लिखा कि तबलीगियों की तलाश कर रही महिला इंस्पैक्टर वन्दना सिंह की मौत हो गई,
इससे पहले भी कुछ आतंकी दिमाग लोगों ने इसी तरह का ज़हर घोला था, जिसे पुलिस ने सिरे से खारिज करते हुए बताया कि इंस्पैक्टर वन्दना सिंह का मामला बरेली का है ही नहीं,

इसके बावजूद तेज बहादुर व अमित सिंह रघुवंशी नामक इन शख्स लोगों ने भड़काने की कोशिश की।
दरअसल बीजेपी सरकार के चलते ऐसे लोगों पर पुलिस लगाम कस पाने मे पूरी तरह नाकाम हो जाती है, ऐसे बेशुमार मामले सामने आ चुके है।

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